झांसी, 2 अप्रैल। जनपद में फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और खराब प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जूम ऐप के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर किसानों को रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, ताकि कोई पात्र किसान वंचित न रहे। जनपद में पीएम किसान योजना के तहत अब तक 1,87,018 किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जबकि 51,473 किसान अभी शेष हैं।
उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर मिल सकेगा। जिलाधिकारी ने डीडी कृषि को भी शिथिल पर्यवेक्षण पर फटकार लगाते हुए पंचायत सहायक और लेखपालों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान एसडीएम मऊरानीपुर को 14,239, सदर को 13,259, मोंठ को 11,059, गरौठा को 8,332 और टहरौली को 4,589 शेष रजिस्ट्री जल्द पूरी करने को कहा गया। टहरौली तहसील के कार्य पर संतोष भी जताया गया।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी, उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। साथ ही निर्देश दिए कि सभी अधिकारी फील्ड में जाकर कार्य की प्रगति सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (न्याय) अरुण कुमार गौड़ सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
