झांसी, 27 फरवरी। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद की अध्यक्षता में जिला पर्यावरणीय समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश जारी किए गए।
सीडीओ ने कहा कि जनपद के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और पंजीकृत लैब का औचक निरीक्षण किया जाएगा। बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमावली-2016 का अक्षरश: अनुपालन अनिवार्य होगा। बारकोडयुक्त पॉलीथिन बैग में ही बायोमेडिकल कचरा प्लांट तक भेजा जाए और उसके निस्तारण का सत्यापन भी कराया जाए। यदि वेस्ट का समुचित उठान और निस्तारण नहीं पाया गया तो संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अस्पतालों और विद्यालयों, विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित स्कूल, कॉलेज व अस्पतालों के आसपास साइलेंस जोन घोषित करने तथा चेतावनी बोर्ड लगाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया। साथ ही लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
स्टोन क्रेशर इकाइयों से फैलने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुरूप वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अनुपालन न होने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके लिए जिला स्तरीय जांच समिति गठित कर निरीक्षण कराने को कहा गया।
प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। नगरपालिका परिषद मऊरानीपुर, समथर, चिरगांव, गुरसराय, बरुआसागर तथा नगर पंचायत मोंठ, एरच, बड़ागांव, गरौठा, टोड़ीफतेहपुर, रानीपुर और कटेरा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई।
बैठक का संचालन एसडीओ मऊरानीपुर संतोष कुमार ने किया। इस दौरान एसडीओ झांसी अशोक कुमार जैन, अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव, डिप्टी सीएमओ अंशुमान तिवारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी इमरान अली, डीपीओ नमामि गंगे आयुष भारती समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
