नारद मोह और रावण दिग्विजय की लीला से हुआ रामलीला का भव्य शुभारंभ।
मोंठ : श्री रामयश प्रचारिणी नाटक मंडली मोंठ के तत्वाधान में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव का प्रथम दिवस बड़े ही भव्य और धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। रामलीला के पहले दिन मंच पर नारद मोह तथा रावण दिग्विजय की लीला का मनोहारी मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक उपस्थित रहे।
रामलीला मंचन की शुरुआत मंगलाचरण और भगवान श्रीराम के स्मरण के साथ की गई। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से नारद मोह की लीला का अत्यंत सुंदर और भावपूर्ण चित्रण प्रस्तुत किया। इस प्रसंग में बताया गया कि किस प्रकार देवर्षि नारद भगवान विष्णु की माया में मोहित होकर अपने अहंकार का अनुभव करते हैं और अंततः प्रभु की महिमा को समझते हैं।
इसके बाद रावण दिग्विजय की लीला का मंचन किया गया, जिसमें लंका के राजा रावण की शक्ति, पराक्रम और उसके अहंकार को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति, आकर्षक वेशभूषा और सजीव मंच सज्जा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के अंत में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनुरुद्ध कुमार यादव उर्फ बड़े राजा ने भगवान विष्णु की आरती उतारी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की। आरती के समय पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।
रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में राम जन्म, ताड़का वध, सीता स्वयंवर सहित रामायण के विभिन्न प्रसंगों की लीलाओं का मंचन किया जाएगा। रामलीला के सफल आयोजन में मंडली के सदस्यों, कलाकारों और नगरवासियों का विशेष सहयोग रहा। हास्य कलाकार बाबूलाल बेधड़क ने दर्शकों को अपनी अदाकारी से खूब हंसाया।
इस अवसर पर सुरेश दुबे, हरिओम पाण्डेय, व्यास पीठ अरविंद पटसारिया, कैलाश गिरी, विजय विष्णु गिरी, मोहनलाल पाण्डेय,राजीव द्विवेदी,राजनरायन सविता, कल्लू सोनी, संतोष यादव, प्रमोद यादव, रणजीत यादव, पप्पू सविता, सीपी दोषी, राममोहन खरे, कृष्णा गिरी मनमोहन लहारिया सहित अनेक कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
