झांसी, 27 फरवरी 2026। जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने शुक्रवार को तहसील मोंठ का शीतकालीन वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य कमियां उजागर करना नहीं, बल्कि सुधार के सुझाव देकर व्यवस्था को और बेहतर बनाना है।
जिलाधिकारी ने तहसील परिसर, विभिन्न अनुभागों, राजस्व न्यायालय और अभिलेखागार का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने पंजिकाओं को अद्यतन रखने, पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने, आरसी वसूली तथा विभिन्न प्रमाणपत्रों के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कोर्ट निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग का मूल कार्य वादों की सुनवाई कर उनका निस्तारण करना है, इसलिए नियमित सुनवाई कर लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाए।
भूलेख अभिलेखागार के निरीक्षण में साफ-सफाई संतोषजनक मिली, हालांकि प्रकाश व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश दिए गए। राजस्व ग्रामों के बस्ते सुव्यवस्थित पाए गए। कुछ गांवों के दो-दो बस्ते होने पर तहसीलदार ने बताया कि अभिलेख अधिक होने के कारण ऐसा है। बंदोबस्त नक्शा जिला मुख्यालय में उपलब्ध होने की जानकारी दी गई।
अभिलेखागार में अनुरक्षित भूलेख व्यवस्थित पाए गए। लंबित ऑडिट आपत्तियों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। अमल दरामद और परवाना अमल धरामत की समीक्षा कर समयसीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की अदालतों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व न्यायालयों में लंबित धारा-34 के वादों को अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व नियोजन के साथ सुनवाई करने से निस्तारण में गति आएगी।
निरीक्षण के दौरान 10 बड़े बकायादारों की सूची देखी गई। शीर्ष बकायादारों की जानकारी लेकर नियमानुसार प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आरसी के माध्यम से वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया।
स्वामित्व एवं वरासत योजना की प्रगति पर संतोष जताया गया। मानव संपदा पोर्टल पर अधिकारियों व कर्मचारियों का विवरण त्रुटिरहित अपलोड करने के निर्देश दिए गए। घरौनी प्रमाण पत्र वितरण की भी जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पाण्डेय, उप जिलाधिकारी अवनीश कुमार तिवारी, तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार मानवेंद्र सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
