::::: शादी और शिक्षा का अनोखा संगम:
सामूहिक विवाह सम्मलेन में जयमाला के बाद एक दुल्हन पहुंची बोर्ड परीक्षा देने
तहसील क्षेत्र के ग्राम भरोसा में एक अनोखी और प्रेरणादायक घटना ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। यहां एक दुल्हन ने अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिन — शादी के दिन — शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए समाज के सामने मिसाल पेश की।
गांव में आयोजित विवाह सम्मलेन में उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब जयमाला की रस्म पूरी होने के तुरंत बाद दुल्हन नैंसी कुशवाहा वैवाहिक रस्मो को छोड़कर इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा देने के लिए आदर्श इंटर कॉलेज मोंठ परीक्षा केंद्र रवाना हो गई। परिवारजनों और बारातियों की मौजूदगी में पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच यह निर्णय सभी को भावुक कर गया।
बताया गया कि दुल्हन नैंसी की बोर्ड परीक्षा पहले से निर्धारित थी और शादी की तिथि भी तय हो चुकी थी। ऐसे में परिवार ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए परीक्षा को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया। दुल्हन विवाह के जोड़े में ही परीक्षा केंद्र पहुंची, जहां परीक्षकों और छात्रों ने भी उसके जज्बे की सराहना की। आदर्श इंटर कॉलेज परिवार के सदस्यों और छात्र छात्राओं ने तालियों की तड़तड़ाहट से दुल्हन का स्वागत किया और शुभ कामनाएं दी। दुल्हन
परीक्षा देकर वापस लौटने के बाद विवाह की शेष रस्में विधि-विधान से पूरी कराई गईं। दिन में संपन्न हुआ यह विवाह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने इसे बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश बताया।
गांव के बुजुर्गों और उपस्थित लोगों का कहना है कि यह घटना समाज को यह सीख देती है कि जीवन के हर महत्वपूर्ण मोड़ पर शिक्षा का महत्व सर्वोपरि है। दुल्हन नैंसी के इस साहसिक कदम ने साबित कर दिया कि सपनों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना ही सच्ची सफलता है।
— शिक्षा और संस्कार के संगम की यह कहानी लोगों के दिलों को छू गई और क्षेत्र में प्रेरणा का संदेश छोड़ गई।
