— जनपद स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने दिए निर्देश
झांसी, 28 अक्टूबर।
कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में सोमवार को “उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन” के तहत गठित जिला कार्यकारी समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के मिशन को नई दिशा दे रही है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को देश और विदेश में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए फिक्की (FICCI), एसोचैम (ASSOCHAM) और सीआईआई (CII) के साथ साझेदारी की है। इन संस्थाओं की मदद से उद्योगों में भविष्य के रोजगार अवसरों की पहचान कर युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। लक्ष्य है कि लाखों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोजगार मिशन का प्रचार-प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों तक किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इस योजना से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और आईटीआई के प्रधानाचार्यों को rojgaarsangam.up.gov.in पोर्टल पर अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित कराना होगा। साथ ही विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कैम्प आयोजित कर युवाओं की कैरियर काउंसिलिंग कराई जाए।
प्रभारी जिला सेवायोजन अधिकारी वसीम मोहम्मद ने जानकारी दी कि रोजगार मिशन अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा चयनित लाभार्थियों को प्रभारी मंत्री के माध्यम से नियुक्ति पत्र एवं प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जनपद के शिक्षण संस्थानों में लगातार कैम्प लगाकर युवाओं को रोजगार अवसरों और कैरियर मार्गदर्शन की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश स्तर पर 155330 नंबर पर कॉल सेंटर स्थापित किया गया है, जहां रोजगार मिशन से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, सीओ ट्रैफिक रामवीर सिंह, डीआईओएस रति वर्मा, पीडी आरडीए राजेश कुमार, डीसी मनरेगा शिखर कुमार श्रीवास्तव, बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव अमित सिंह सहित श्रम, उच्च शिक्षा और उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
