झांसी। कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एवं विविध देय सहित प्रवर्तन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष के समापन में शेष लगभग दो माह को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को वसूली में तेजी लाकर जनपद को प्रदत्त वार्षिक लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने विद्युत विभाग की 81 आरसी के तहत लगभग 60 करोड़ रुपये की वसूली में तेजी लाने के निर्देश उपस्थित उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को दिए। उन्होंने कहा कि ओटीएस योजना का ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि विद्युत बिल बकायादार अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। साथ ही बड़े बकायादारों पर विशेष फोकस कर बकाया धनराशि जमा कराई जाए।
वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्युत विभाग से संबंधित जो भी समस्याएं विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हों, उनका त्वरित निस्तारण संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कराया जाए तथा इसकी सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
वाणिज्य कर एवं परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान मासिक लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताया। वाणिज्य कर विभाग द्वारा दिसम्बर माह में ₹127.41 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र ₹78.45 करोड़ की वसूली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने जीएसटी चोरी रोकने के लिए प्रवर्तन कार्यों में सुधार, क्षेत्र भ्रमण बढ़ाने तथा लक्ष्य निर्धारित कर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
आबकारी विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने दिसम्बर माह के ₹62.20 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष ₹52.09 करोड़ की वसूली पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन क्षेत्र में गांजा बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही तहसीलों में आबकारी विभाग की चार लंबित आरसी—टहरौली तहसील के मनमोहन सिंह पुत्र बलवान (लगभग 12 लाख रुपये), मोंठ तहसील के ओमप्रकाश चौरसिया (लगभग 37 लाख रुपये) तथा सदर तहसील के अमित साहू (लगभग 3 लाख रुपये)—की वसूली में व्यक्तिगत रुचि लेकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
मालकर, वाहन कर एवं यात्री कर की समीक्षा में माह के ₹14.94 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष ₹10.37 करोड़ वसूली पर असंतोष जताते हुए जिलाधिकारी ने प्रवर्तन कार्यों को और प्रभावी बनाने तथा ओवरलोडिंग वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बिना माइन-टेक लगे खनन परिवहन में प्रयुक्त वाहनों पर ओवरलोडिंग के तहत चालान काटते हुए वसूली सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अवैध खनन व परिवहन रोकने के लिए अस्थायी चेक पोस्ट लगाने तथा खनन घाटों पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने रात्रि में अभियान चलाकर सड़कों पर छुट्टा गोवंश न बैठने देने तथा उन्हें स्थानीय गो-आश्रय केंद्रों में संरक्षित कराने के निर्देश दिए। क्षेत्र भ्रमण के दौरान गरीब, असहाय एवं निराश्रित लोगों को ठंड से बचाव हेतु कंबल वितरण सुनिश्चित करने को भी कहा।
बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पाण्डेय, एडीएम न्याय अरुण कुमार गौड़, जिला आबकारी अधिकारी मनीष गुप्ता, जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण सुभाष चंद्र, अधिशासी अभियंता विद्युत रमाकांत दीक्षित, व्यापार कर विभाग, परिवहन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
