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जनपद की गौशालाओं में ठंड से गोवंश के बचाव की समुचित व्यवस्था न मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई : जिलाधिकारी मृदुल चौधरी


आगामी शीतलहर के दृष्टिगत गो-आश्रय स्थलों में जूट की बोरियों की उपलब्धता के निर्देश

झांसी।
जिलाधिकारी मृदुल चौधरी के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह ने नगर पंचायत गरौठा क्षेत्र स्थित गो-आश्रय स्थल ढिपकई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोवंश के लिए भूसा, दाना, चारा एवं पानी की व्यवस्था तथा ठंड से बचाव के किए गए इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया गया।

निरीक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि गौशाला में कुल 84 गोवंश संरक्षित हैं। मौके पर गोवंश की गिनती कर उनकी संख्या का सत्यापन किया गया। इसके उपरांत गौशाला में बने शेड का निरीक्षण किया गया, जो चारों ओर से पॉलिथीन से ढका पाया गया। आगामी शीतलहर को देखते हुए निर्देश दिए गए कि शेड को चारों ओर से जूट की बोरियों की एक अतिरिक्त लेयर लगाकर ढका जाए, जिससे सर्दी से गोवंश को सुरक्षित रखा जा सके।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए कि गायों, बछड़ों एवं सांडों को अलग-अलग रखा जाए, ताकि उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। बीमार गोवंश को पृथक रखने तथा उनका समुचित उपचार कराए जाने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में गोवंश ठंड से बीमार नहीं होना चाहिए। यदि कोई गोवंश बीमार होता है तो तत्काल उसका उपचार कराया जाए। शीतलहर के दृष्टिगत गो-आश्रय स्थलों में गोवंश को ठंड से सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं।

निरीक्षण के दौरान गो-आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के लिए 40 कुंतल भूसा, चूनी-चोकर की पांच बोरियां, पर्याप्त मात्रा में नमक व गुड़ उपलब्ध पाया गया। इसके साथ ही हरे चारे की भी पर्याप्त व्यवस्था पाई गई। अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं को निरंतर एवं नियमित बनाए रखने के निर्देश दिए। गो-आश्रय स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी संतोष व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान ढिपकई, केयरटेकर, संबंधित अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


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