जालौन 13 अक्टूबर । नगर में अलग-अलग स्थानों पर कबाड़ के गोदाम बने हुए हैं। सुरक्षा को दर किनार कर अवैध रूप से बने कबांड के गोदाम दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। सुरक्षा उपायों के बगैर संचालित कबाड़ के गोदामों के बाद भी जिम्मेदार मूक दर्शक बने हैं।
नगर में कबाड़ के जगह जगह रिहायशी इलाकों में अवैध भंडार गृह बने हुए हैं। जिनमें कागज, गत्ता, प्लास्टिक व लोहा आदि का भंडारण हो रहा है। दीपावली का त्योहार नजदीक आ रहा है जब नगर में ग्रामीण से बड़ी मात्रा में कबाड़ आयेगा जिसका भंडारण किया जायेगा ।सुरक्षा इंतजाम न हो ने के कारण ये कभी अग्निकांड का कारण बन सकता है। कबाड़ के गोदामों में आग से बचाव के लिए कोई इंतजाम नहीं है। नगर में बंगरा मार्ग, औरइया मार्ग पर नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के पास, चुंगी नंबर 4 के पास, सहावनाका आदि रिहायशी स्थानों पर कबाड़ एकत्रित किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बने गोदामों के कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है। नगर की मध्यप्रदेश की सीमा से जुड़ा होने के कारण कबाड़ का गढ़ बन गया है। कबाड़ के गोदामों के आसपास रहने वाले लोगों को हमेशा गर्मी के मौसम व दीपावली के पूर्व आगजनी का डर लगा रहता है। पड़ोसी होने के कारण आसपास के लोग खुलकर सामने नहीं आ पाते हैं। वहीं अग्नि शमन विभाग को जानकारी होने के बाद भी जांच करने तक जहमत नहीं उठाते हैं। जब भी कोई व्यक्ति नाम छिपाकर जानकारी देता है तो विभागीय कर्मचारी लिखित शिकायत देने की बात कह कर टरका देते हैं ।अग्नि शमन विभाग की मिलीभगत व उदासीनता के कभी भी कोई हादसा हो सकता है। जब इस संदर्भ में फायर स्टेशन के कर्मचारी प्रिंस यादव बात की गयी तो उन्होंने रटा रटाया जबाब दिया कि प्रार्थना पत्र दे दो देख लेगें। सुनील सक्सेना पत्रकार नावली
