जालौन 13 दिसंबर । दावत ए इस्लामी इंडिया की ओर से इस्लाम के पहले खलीफा हजरत अबू बकर सिद्दीक का उर्स हुसैनी जामा मस्जिद में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया।
उर्स की शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से हुई, जिसके बाद नात पाक पेश की गई। मौजूद लोगों ने पूरी तवज्जो के साथ तिलावत और नात को सुना। इसके बाद दावत ए इस्लामी के झांसी डिवीजन निगरां सैयद आमिर हुसैन अत्तारी ने हजरत अबू बकर सिद्दीक की जिंदगी, उनके किरदार और इस्लाम के लिए दी गई कुर्बानियों पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हजरत अबू बकर सिद्दीक इस्लाम के पहले खलीफा थे और उन्होंने अपने पूरे जीवन में सादगी, सच्चाई और ईमानदारी की मिसाल पेश की। पैगंबर हजरत मोहम्मद के सबसे करीबी सहाबा में उनका विशेष स्थान रहा और हर कठिन समय में उन्होंने इस्लाम का साथ दिया। हजरत अबू बकर सिद्दीक ने अपने आचरण से यह सिखाया कि इंसान को हर हाल में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और समाज में अमन, भाईचारे और इंसाफ को बढ़ावा देना चाहिए। उनका जीवन आज के दौर में भी लोगों के लिए मार्गदर्शक है। उर्स के दौरान जिक्र भी किया गया, जिसमें अल्लाह की हम्द और रसूल की शान में कलाम पेश किया गया। जिक्र के दौरान माहौल पूरी तरह से रूहानी हो गया और अकीदतमंदों ने दुआ में हाथ उठाकर देश, समाज और पूरी इंसानियत की भलाई की कामना की। अंत में सामूहिक दुआ कराई गई। उर्स में आए लोगों के लिए लंगर का भी इंतजाम किया गया। इस मौके पर जुनैद अत्तारी, अरशद मक्की अत्तारी, इमरान, जफर, वलीउल्लाह, साबिर, अशरफ, हाफिज रफीक चिश्ती, सोहेल, निजाम, आरिफ, अब्दुल जब्बार कुरैशी, आदि मौजूद रहे।नीरज श्रीवास्तव रिपोर्टर
